Ishq to ek baar hota hai-Mohd kamar

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Ishq to ek baar hota hai - Mohd kamar.mp3

[04:43.00]तेरी एक झलक को मेरा मन तर...
[04:43.00]तेरी एक झलक को मेरा मन तरसता रहा,
[04:43.00]तुझको देखे हुए एक लंबा अरसा गुज़र गया।
[04:43.00]वो कैसी रात थी, जब मेरी नज़रें तुझसे मिलीं,
[04:43.00]मेरे दिल को उस पल एक अजीब सी राहत मिली।
[04:43.00]क्या ये ज़माने की ठोकर है,
[04:43.00]या बस दिल लगाने की ही खता है?
[04:43.00]मेरा दिल अब किसी काम का नहीं रहा,
[04:43.00]ये बस अब तेरे नाम का एक घर है।
[04:43.00]यूं तो सबके अपने घर-बार होते हैं,
[04:43.00]मगर मेरा घर तो बस मेरा यार है।
[04:43.00]तेरी एक झलक को मेरा मन तरसता रहा।
[04:43.00]इस जवानी में हमने ये क्या कर दिया?
[04:43.00]तेरे इश्क़ में खुद को फ़ना कर दिया।
[04:43.00]मैं तो तुझमें ही खो गया, तू मुझमें न रहा,
[04:43.00]मेरी उदासियों में भी तू ज़िंदा रहा।
[04:43.00]अपनी तन्हाइयों में भी मैं तुझे कैसे संभालूं,
[04:43.00]ये बता दे मुझे मैं कैसे तुझ बिन गुज़ारूं।
[04:43.00]मैं तो उस दौर से ही मर चुका था,
[04:43.00]जब तुझे किसी और से इश्क़ हुआ।
[04:43.00]इश्क़ तो बस एक बार ही होता है,
[04:43.00]तुझे शायद ये कई बार हुआ है।
[04:43.00]इस मोहब्बत का अपनी ये हाल है,
[04:43.00]हम भी बेहाल हैं और तू भी बेहाल है।
[04:43.00]इस जवानी में हमने ये क्या कर दिया?
[04:43.00]इतनी मुश्किल है वफ़ा निभाना।
[04:43.00]काश तुम भी हमारी कमी को समझते,
[04:43.00]आज सोचा तो आंसू भर आए।
[04:43.00]एक ज़माना हो गया हमें मुस्कुराए हुए,
[04:43.00]क्या तुम भी ऐसे ही तड़पते हो?
[04:43.00]क्या तुम भी मुझे याद करते हो?
[04:43.00]याद वही क्यों आते हैं, जो बहुत रुलाते हैं?
[04:43.00]कितनी कोशिश की तुझको भुला न सका,
[04:43.00]इश्क़ की ये दास्तान फिलहाल ऐसी ही है।
[04:43.00]तू साथ नहीं है, तू पास नहीं है।
[04:43.00]इतनी मुश्किल है वफ़ा निभाना।
[04:43.00]करने वाले मोहब्बत सदा निभाते हैं,
[04:43.00]तुझसे बढ़कर किसी को अपना न कहा।
[04:43.00]गमज़दा हूं तो कहते हो खुश तुम रहो,
[04:43.00]पास आकर कहोगे के अब न मिलो।
[04:43.00]ज़ख्म देते हो, कहते हो सीते रहो,
[04:43.00]जान लेकर कहोगे कि जीते रहो।
[04:43.00]दिल से चाहा था तुझको हर पल सदा,
[04:43.00]पर वफ़ाओं के बाद दिल में दुख ही मिला।
[04:43.00]हमने समझा तुम्हें, तुम समझ न सके,
[04:43.00]प्यार में इस तरह से हम हार गए।
[04:43.00]ये मोहब्बत में बहली हुई फ़साद है,
[04:43.00]इश्क़ तो लाल है, इश्क़ तो लाल है।
[04:43.00]दिल की रग-रग से टपका हुआ है लहू,
[04:43.00]दिल की रग-रग से टपका हुआ है लहू।
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