[04:43.00]तेरी एक झलक को मेरा मन तरसता रहा, [04:43.00]तुझको देखे हुए एक लंबा अरसा गुज़र गया। [04:43.00]वो कैसी रात थी, जब मेरी नज़रें तुझसे मिलीं, [04:43.00]मेरे दिल को उस पल एक अजीब सी राहत मिली। [04:43.00]क्या ये ज़माने की ठोकर है, [04:43.00]या बस दिल लगाने की ही खता है? [04:43.00]मेरा दिल अब किसी काम का नहीं रहा, [04:43.00]ये बस अब तेरे नाम का एक घर है। [04:43.00]यूं तो सबके अपने घर-बार होते हैं, [04:43.00]मगर मेरा घर तो बस मेरा यार है। [04:43.00]तेरी एक झलक को मेरा मन तरसता रहा। [04:43.00]इस जवानी में हमने ये क्या कर दिया? [04:43.00]तेरे इश्क़ में खुद को फ़ना कर दिया। [04:43.00]मैं तो तुझमें ही खो गया, तू मुझमें न रहा, [04:43.00]मेरी उदासियों में भी तू ज़िंदा रहा। [04:43.00]अपनी तन्हाइयों में भी मैं तुझे कैसे संभालूं, [04:43.00]ये बता दे मुझे मैं कैसे तुझ बिन गुज़ारूं। [04:43.00]मैं तो उस दौर से ही मर चुका था, [04:43.00]जब तुझे किसी और से इश्क़ हुआ। [04:43.00]इश्क़ तो बस एक बार ही होता है, [04:43.00]तुझे शायद ये कई बार हुआ है। [04:43.00]इस मोहब्बत का अपनी ये हाल है, [04:43.00]हम भी बेहाल हैं और तू भी बेहाल है। [04:43.00]इस जवानी में हमने ये क्या कर दिया? [04:43.00]इतनी मुश्किल है वफ़ा निभाना। [04:43.00]काश तुम भी हमारी कमी को समझते, [04:43.00]आज सोचा तो आंसू भर आए। [04:43.00]एक ज़माना हो गया हमें मुस्कुराए हुए, [04:43.00]क्या तुम भी ऐसे ही तड़पते हो? [04:43.00]क्या तुम भी मुझे याद करते हो? [04:43.00]याद वही क्यों आते हैं, जो बहुत रुलाते हैं? [04:43.00]कितनी कोशिश की तुझको भुला न सका, [04:43.00]इश्क़ की ये दास्तान फिलहाल ऐसी ही है। [04:43.00]तू साथ नहीं है, तू पास नहीं है। [04:43.00]इतनी मुश्किल है वफ़ा निभाना। [04:43.00]करने वाले मोहब्बत सदा निभाते हैं, [04:43.00]तुझसे बढ़कर किसी को अपना न कहा। [04:43.00]गमज़दा हूं तो कहते हो खुश तुम रहो, [04:43.00]पास आकर कहोगे के अब न मिलो। [04:43.00]ज़ख्म देते हो, कहते हो सीते रहो, [04:43.00]जान लेकर कहोगे कि जीते रहो। [04:43.00]दिल से चाहा था तुझको हर पल सदा, [04:43.00]पर वफ़ाओं के बाद दिल में दुख ही मिला। [04:43.00]हमने समझा तुम्हें, तुम समझ न सके, [04:43.00]प्यार में इस तरह से हम हार गए। [04:43.00]ये मोहब्बत में बहली हुई फ़साद है, [04:43.00]इश्क़ तो लाल है, इश्क़ तो लाल है। [04:43.00]दिल की रग-रग से टपका हुआ है लहू, [04:43.00]दिल की रग-रग से टपका हुआ है लहू।